Posts

Showing posts from February, 2019

जीवन का अमूल्य सुख नींद

नींद का सुख किसी ने सच ही लिखा है "चांद की चांदनी , तारों की छाओ में एक पालकी बनाई है , ये पालकी मैंने बड़े प्यार से सजाई है, ये हवा जरा धीरे चलना ,मेरे दोस्त को बड़ी प्यारी नींद आई है।" • • नींद कितनी जरूरी है ? यह तस्वीर बयां कर रही है , नींद के लिए घर , कमरा या गद्दे जरूरी नहीं है , जरूरी है तो प्रेम का आंचल । • हरेक की धरती मां होती है। नींद चारदिवारी में ही आए ज़रूरी नहीं । चारदिवारी ने तो नींद के सुख को चारों तरफ से घेर लिया है जिससे उसका दम घुटने लगा है । तभी तो यह चार दिवारी की कैद से निकलकर प्रकृति में अपने घर आने के लिए व्याकुल है । प्रकृति की गोद में सुकून भरी नींद मन को आनंद से त्रप्त कर देती है । पुलिस बदमाशों का डंडा उसके लिए घड़ी की सुई की भूमिका निभाता है । कभी जग जाता है तो कभी आलसी की तरह सोता रहता है । कुत्ता , बिल्ली भी अपना साथी समझ कर इसकी फटी चादर में अपना संरक्षण दूंढते हैं । लेकिन एक तरफ़ इसी की प्रजाति के लोग इसे परेशान करते हैं । तब किसी शायर ने कहा है ,"एक नींद है जो लोगों को रात भर नहीं आती ,और एक जमीर है जो हर वक्त सोया रहता है "।