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Showing posts from June, 2020

पीएम मोदी का 6वा संबोधन,

एक जुलाई से अनलॉक-2 की शुरुआत  ,  महामारी में मोदी का 6 वा राष्ट्रीय संबोधन    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैसे तो   अपने लंबे संबोधनों के लिए जाने जाते हैं लेकिन मंगलवार को दिए जाने वाला राष्ट्र के नाम संबोधन कम समय का था। 16 मिनिट का संदेश सिर्फ कोरोना के इर्द गिर्द  घूमता रहा जिसमें उन्होंने अनलॉक फर्स्ट में  हुई लापरवाही  पर फोकस किया.और गरीब कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया । हालांकि देश की जनता को पूर्वी लद्दाख में भारत चीन के बढ़ते तनाव पर पीएम मोदी से राष्ट्र संबोधन में कुछ संदेश मिलने की उम्मीद थी ।लेकिन पीएम ने अपने संबोधन में इस पर कुछ नहीं कहा. संबोधन आगामी चुनावों को देखते हुए मुफ्त घोषणाएं चुनावी दावों की तरह   राजनीतिक संदेश लिए हुए है। कोरोना संकट काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठवीं वार देश को संबोधित किया ।अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए उनकी सरकार ने सही समय पर सख्त फैसले लिए . पीएम मोदी ने कहा कि सही समय पर लिए गए लॉकडाउन निर्णयों ने भारत में  लाखों लोगों का जीवन बचाया है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि जब से अ

चम्बल में चुनाव बोली कि कानाफूसी

चम्बल में चुनाव की जुबानी जंग चम्बल वैसे तो बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है ।लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने  पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में यहां बीजेपी को मात दी थी ,और सत्ता में पहुँची कांग्रेस अंदरुनी कलेश से 18 महीने ही सरकार चला पाई ।मार्च में अपनी पार्टी से नाराज चल रहे सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के गुट ने कांग्रेस के हाथ का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था ।जिससे मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई और  कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा । कुछ समय बाद राज्य में रिक्त हुई 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने है ।जिसके लिए दोनों मुख्य पार्टियां जोर शोर से जनमत बंटोरने में लगी हुई है।एक दल में टिकट कटने का अनुमान तो दूसरे में टिकट का आश्वासन दिया जा रहा है।आश्वासन और अनुमान के आधार पर आयाराम गयाराम की कहानी राजनीति अखाड़े में पल पल पर सुनाई दे रही है ।दोनो मुख्य दलों में नेताओं का दल बदल जोरो पर पर है ।अभी तक खामोश बने हाथी ने अपनी हुँकार नहीं भरी ।जो दोनों पार्टियों को मात दे सकता है उनकी सत्ता का खेल बिगाड़ सकता है।  इस ग

पुख्ता या जीवन से खिलवाड़ कोरोनिल

बाबा की विवादित दवा या खिलवाड़ पतंजलि  ने आनन फानन में आयुर्वेद दवा कोरोनिल को कोरोना की दवा बता दी । बिना  क्लीनिकल ट्रायल के दवा के रूप दावा करना क्या जिंदगी के साथ खिलवाड़ और मानवता के नाम पर एक अपराध कृत्य नहीं है? ।वो  भी इस समय  जब मानवजाति पर कोरोना महामारी का कहर बरस रहा हो ।पहले से ही सरकारी स्वास्थ सिस्टम डगमगाया  है। ऐसे में सरकार की अनुमति लिए बिना , वैज्ञानिक शोध की  प्रमाणिकता के बगैर बाजार में दवा के विज्ञापनी दावे कितने सच्चे है?। प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने वाली दवा का बिना जांच परख के एंटीवायरस ड्रग्स के रूप में इस्तेमाल करना  क्या जीवन के साथ धोखा नहीं  है ?।  सरकार व्यवसाय के  निजी राजनैतिक हित में कंपनी पर भले ही कानूनी कार्यवाही ना करें लेकिन भूलवश में यह अन्य व्यवसायों को जीवन से  खिलवाड़ करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी ।  इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में अश्वगंधा,गिलोय और तुलसी को  योग गुरु  बाबा रामदेव ने  कोरोना का शत प्रतिशत इलाज करने वाला कैसे बता दिया?। कोरोना वायरस जैसी महामारी को मात देने वाली वैक्सीन बनाने का दावा करने के बाद आयुष मंत्रालय ने पतंजलि की दवा क

शिव"राज"चुनौतियों के सफलतम सौ दिन

शिवराज सिंह चौहान ने अपने चौथे कार्यकाल के पहले सौ दिनों में  कोरोना संकट से किस तरह डटकर सामना किया है इस बात की प्रमाण इस परिणाम से हो जाता है कि आज मध्यप्रदेश में कोरोना की ग्रोथ रेट सबसे कम है, वहीं रिकवरी रेट के मामले में मध्यप्रदेश राजस्थान के बाद दूसरे नंबर पर  है। शिवराज का  सफल सूत्र IITT कोरोना लड़ाई में मध्यप्रदेश रिकवरी रेट में देश में दूसरे स्थान पर है तो इसका सबसे बड़ा कारण प्रदेश में कोरोना मरीजों की सहीं समय पर पहचान होकर उनका इलाज होना है। प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आई.आई.टी.टी. (आईडेंटिफाई, आइसोलेट, टैस्ट एण्ड ट्रीट) रणनीति पर काम किया गया है।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के चौथे कार्यकाल के पहले सौ दिन मंगलवार को पूरे होने जा रहे है। शिवराज ने ऐसे समय में सत्ता संभाली थी जब तक कोरोना प्रदेश में पैर पसार चुका था और आज किसी को भी ये कहने में गिलानी  नहीं  हो रही है कि शिवराज की दूरदृष्टि , सोच सूझबूझ ,प्रशासनिक कौशल और बेहतर अनुभव से  पहले 100 दिन में कोरोना को कंट्रोल करने में एक हद तक सफल हुए है।   कोरोना पर हावी शिवराज