कौन चुना गया और कौन सी पार्टी सत्ता में आई, इससे आगे सोचने की जरुरत
विजेता ही सब कुछ ले जाता है, उपविजेता को कुछ नहीं मिलता, चुनावी प्रणाली और जीत को नए सिरे से परिभाषित करने की आवश्यकता । इसे इस उपचुनाव के उदाहरण से समझ सकते है। 30 जुलाई 2026 को बिहार की बांकीपुर उपचुनाव में करीब 35 फीसदी वोटिंग हुई। गुजरात की मंजलुपर विधानसभा सीट पर 37.5 फीसदी मतदान हुआ। बांकीपुर में करीब 3 लाख 80 हजार वोट है। पीके को 64 हजार 151 वोट मिले। पीके करीब 19 हजार से अधिक मतों से जीते, यानि उन्हें करीब 17 फीसदी वोट मिले, जबकि 83 फीसदी जनता उनके विरोध में है। हम पीके की जीत पर सवाल नहीं उठा रहे है, लेकिन लोकतांत्रिक देश में क्या अब चुनाव प्रणाली व्यवस्था में सुधार की जरुरत है। क्योंकि बिहार की राजधानी पटना जिले की शहरी विधानसभा सीट पर इतना कम वोट परसेंट क्या वाकई मजबूत और दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की परिभाषा को झुठला रहा है। बिहार वो भूमि है, जिसने दुनिया को लोकतंत्र दिया। हमारा निर्वाचन आयोग इतने दशकों बाद भी ऐसी सीटों पर मतदान परसेंट बढ़ाने में क्यों असमर्थ है । बिहार की बांकीपुर सीट जैसे हालात गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट के है, यहां बीजेपी क...