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Showing posts from August, 2020

समान नागरिक संहिता सरकार का नया मुद्दा!

अयोध्या राममंदिर भूमि पूजन के बाद बीजेपी और संघ ने देश की जनता से किए अपने दो वादों को पूरा कर दिया है ।इन दोनों वादों में एक बात समान है दोनों एक साल के भीतर एक ही तारीख में पूर्ण हुए है ,जिससे पार्टी पदाधिकारियों के साथ साथ कार्यकर्ता व देश की जनता में खुशी और जोश है । जनता जुनून का भारतीय जनता पार्टी पूरा फायदा लेने की फिराक में है ।इसके लिए बीजेपी के साथ साथ संघ ने भी जनता का मूड भांप कर नया मुद्दा टटोलना शुरू कर दिया है ।मुद्दों में गंगा, गाय, समान नागरिकसंहिता  और बौध्दों से संबधित कोई मुद्दा हो सकता है ।इनमें भी पहली प्राथमिकता समान नागरिक संहिता का मामला हो सकता है । राम मंदिर का शिलान्यास हो जाने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं का ध्यान तीसरे वादे की ओंर खींचा।अब समान सिविल कोड  ही ऐसा मामला है जो आजादी के बाद से चल रहा है ,बीजेपी का सदियों के जमाने से चले आ रहे इस कानून को भुनाने बनाने का प्लान है  ,और हो भी क्यों नहीं । अपने काम को पूर्ण जिम्मेदारी से करने वाली बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं के मन का काम करती है जो जमीनी हकीकत होती है । भारत के संविधान निर्माताओं ने एक देश एक कानून होन

देशप्रगति में पढ़े बढ़े और चले महात्माओं के महात्मा पेरियार विचार पर

पेरियार के विचार ,काम के नहीं राम राम मंदिर भूमिपूजन के शुभ अवसर पर यदि पेरियार होते तो वे इसे देश हित में अकल्याणकारी बताते ।वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की बिल्कुल परवाह नहीं करते । इसके पीछे वो अपनी राम के प्रति गहन अध्ययन और उससे निकले तर्कवाद तथ्य रखते । पेरियार की हिंदुत्व की आलोचना शायद ही कभी नकारात्मक थी। उन्होंने एक श्रेष्ठ और न्यायपूर्ण समाज के प्रगतिगामी सपने को निरंतर प्रचारित किया था वो मोहनदास गांधी के अस्पृश्यता उनमूलन से कई अधिक वर्ण व्यवस्था को खत्म करने में विश्वास रखते थे ।गांधी जी से मोहभंग ने ई वी रामासामी पेरियार जी को जाति और अस्पृश्यता से टकराव तथा श्रेष्ठ समाज हेतु अपने सिध्दांतों की रुपरेखा तैयार करने के लिए प्रेरित किया ।उन्होंने सदैव बेहतर जीवन और उसकी संभावना पर फोकस किया ।पेरियार ने गांधीवादी धर्मनिष्ठा के मुकाबले विशेषकर सत्याग्रह राष्ट्रवाद के सापेक्ष आत्मसम्मान के दर्शन का पाठ पढ़ाया।जिसकी नींव संवाद प्रोत्साहन और तर्क पर ऱखी । भारतीय समाज को भी श्रेष्टता बेहतरीन भविष्य के लिए पेरियार के विचारों पर चलना चाहिए । पेरियार ने नेताओं पर जनता को शिक्षित करने की

पांच अगस्त भारत का बनता इतिहास

एकता का एक एतिहासिक दिन अयोध्या राममंदिर मामले में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप ही समिति बनाकर मंदिर निर्माण की प्रक्रिया जारी है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में राम मंदिर का शिलान्यास है ।निश्चित ही राम मंदिर के निर्माण को लेकर समस्त हिन्दूओं में खुशी का माहौल है। खुशी और एकता की सफलता के एतिहासिक दिन के पीछे पांच दशकों की राजनीतिक मेहनत, सूक्ष्म राजनीतिक सोच कौशल  और संघर्ष का हाथ है। जो एक एतिहासिक दिन बनने जा रहा है। आज जोर-शोर से राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम किया जाएगा।अयोध्या को पीले रंग से रंग दिया गया है. कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा है कि अयोध्या में भूमि पूजन राष्ट्रीय एकता का कार्यक्रम बनना चाहिए. हिंदुत्व राजनीति के  चलते अयोध्या को लेकर कांग्रेस की तरफ से सधी  हुई प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। दिग्विजय सिंह  ने मुहूर्त  समय पर सवाल खडे किए है । वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने राम मंदिर निर्माण को लेकर देशवासियों को बधाई दी है।  उन्होंने गांधी जी का प्रिय राम भजन भी ट्वीट किया है । जा