Posts

जियो जीवन आनंद के साथ ,ये अधिकार आपका

लोकतांत्रिक गणराज्य भारत में नागरिक को महत्वपूर्ण माना गया है। उससे भी ज्यादा  जीवन जीने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्राथमिकता दी गई है। ताकि मानवीय गरिमा से जीते हुए द...

सिंधिया को संगठन चाबी या सत्ता कुर्सी

सूत्रों के हवाले से मध्यप्रदेश में कर्नाटक की तर्ज पर नाथ सरकार पर मंडरा सकता है संकट। प्रदेश में  सत्ता की राह देख रही बीजेपी एक बार फिर से राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले ...

झुका सहमा डरा घूंघा डॉक्टर सुदामा :सैफई

प्रेम और कर्म की भाषा समझाने के लिए  भगवान ,कृष्ण के रूप में अवतरित हुए ।  जिसे जन्माष्टमी के तौर पर बनाते है ।जब इसमें रोहिणी नक्षत्र लग जाता है तब इसी को कृष्ण जयंती कहा जात...

अमित की अमिट एतिहासिक छाप ,मगर?।देश हित

  लोकत्रांतिक व  संवैधानिक आधुनिक भारत की संसद  में वैसे तो समय समय पर न्याय प्रक्रिया का इस्तेमाल ना करते हुए  बेहतर और देश हित में फैसले लिए गए है । अनुच्छेद 370  हटाना भी इस...

विज्ञापनों से हिंदी को बढ़ता खतरा

विज्ञापन की भाषा सरल और सटीक होती है। इसमें भाषा के शब्दों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाता है। विज्ञापन की भाषा में भाषा की कृति और गुण को ध्यान में नहीं रखा जाता । हिंदी के स्...

जल से जूझता भारत ,मंडरा रहा सूखे का खतरा

दुनिया आज जल के संकट से जूझ रही है ।भारत भी इससे अछूता नहीं है। जीवन की उत्पत्ति  ही जल में हुई है ।तभी कहा जाता है जल ही जीवन है ।जल के बिना जीवन जीना संभव नहीं है ।जन जन को जल की...

विश्व पर्यावरण दिवस

रेत,खेत की जोतें सड़क पर मौतें पृथ्वी की बढ़ती तपिश से कई नदियां सूख गई और कई सिकुड़ते हुए सिमट रही है।उस पर निर्भर जीवों का जीवन भी पानी की कमी में सिमटता जा रहा है । संकट की ...